हिंदी 50 शायरी नफरत भरी
1: मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती है अगर नफरत होती है तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती है
2: तेरी नफरत को मैने प्यार समझ कर अपनाया है प्यार से ही नफरत खत्म होता हैं तूने ही तो समझाया है।
3: मुझसे नफरत करने वाले भी कमाल का हुनर रखते हैं
मुझे देखना तक नहीं चाहते लेकिन नजर मुझ पर ही रखते हैं ।
4: दिल पर न मेरे यू वार कीजिए छोड़ो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिए तड़पते हैं जिस कदर तेरे प्यार में हम कभी खुद को भी उस कदर बेकरार कीजिए ।
5: नफरतों का सिलसिला जारी है लगता है दूर जाने की त्यारी है दिल तो पहले दे चुके हैं हम लगता है अब जान देने की बारी है।
6: इतनी नफरत है उसे मेरी मोहब्बत से उसने अपने हाथ जला लिए मेरी तकदीर मिटाने के लिए ।
7: नफरत के एक मिनट में सालों की मोहब्बत कैसे भूल गए तुम फरेबी चाहत थी तुम्हे हमसे इसीलिए तुमसे दूर हो गए हम।
8: तेरी नफरत से भी हमने प्यार किया था मगर तुमने हमे दर्द और जख्म दिया था।
9: नफरत करने वालो से भी प्यार करो तो कोई बात बने
अपने जिंदगी को कुछ यूं बनाओ तो कोई बात बने।
10: तेरी मोहब्बत से मुझे नफरत हो गई है इसलिए शराब मेरी जीने की सहारा बन गई है।
11: जब चाहा उसने अपना बनाया मुझे मन भरने पर उसने ठुकराया मुझे गुस्सा आता था सिर्फ उसके झूठे प्यार पर अब नफरत करना उसने सिखाया मुझे।
12: उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है।
13: नफरत करनी हर किसी को नहीं आती ये तो बस प्यार में जख्मी लोगों का काम है।
14: उसे नफरत से क्या डराओगे जिसे मोहब्बत से ज्यादा नफरत ही मिली हो।
15: मोहब्बत जीवन से जाएगी तो नफरत रह जाती है और जीवन में नफरत ही नफरत रह जाती है।
16: जब से पता चला है की नफरत ही हमारी जिन्दगी का अंजाम है तब से हम जिन्दगी को हथेली पर लिए घूमते हैं।
17: तुझे तो मोहब्बत भी तेरी औकात से ज्यादा की थी अब तो बात नफरत की है सोच तेरा क्या होगा।
18: दिखावे की मुहब्बत से बेहतर है नफरत ही करो हमसे हम सच्चे जज्बातो की बड़ी कदर किया करते हैं।
19: प्यार का एहसास उसे दिलाने के लिए मेरा सब कुछ खो गया पर नफरत तो सिर्फ दिखाया था न जाने ब्रेकअप कैसे हो गया।
20: कुछ लोगों को मुझसे नफरत करने की वजह नहीं खोजनी पड़ती क्योंकि मेरी थोड़ी हँसी भी उनके नफरत की वजह बन जाती है।
21: यकीन भी रखा सबर भी किया इंतजार के सब हद भी पार किया नाही तो वक्त बदला और नहीं खुशियां नसीब हुई।
22: वो जो हमसे नफरत करते हैं हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं नफरत है तो क्या हुआ यारो कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।
23: तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी जिंन्दगी हमने सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते।
24: वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी।
25: चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह।
26: नफरत करने वाले भी गजब का प्यार करते हैं मुझसे जब भी मिलते हैं कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं ।
27: तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा।
28: इश्क करे या नफरत इजाज त है उन्हें हमे इश्क से अपने कोई शिकायत नहीं।
29: हमारी दुआ थी कि वो नफरत खत्म कर दें उनकी दुआ थी की हम ये रिश्ता ही खत्म कर दें।
30: देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना नफरत बता रही है तूने इश्क बेमिसाल किया था।
31: मेरे नाम से इतनी नफरत करते हैं वो नफरत के बहाने से ही सही मेरा नाम तो लेते हैं वो
32: अजीब सी आदत और गजब की फितरत है मेरी मोहब्बत हो कि नफरत हो बहुत शिद्दत से करता हू।
33: मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती हैं अगर नफरत होती हैं तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती हैं।
34: जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है !!
35: हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे
36: मैं काबिले नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझको,
तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत न किया कर !
37: कोई तो हाल-ए-दिल अपना भी समझेगा,
हर शख्स को नफरत हो जरूरी तो नहीं !
38: मुझसे नफरत करने वाले भी,
कमाल का हुनर रखते हैं,
मुझे देखना तक नहीं चाहते,
लेकिन नजर मुझपर ही रखते हैं !!
39: नफरत मत करना मुझसे बुरा लगेगा,
बस एक बार प्यार से कह देना,
अब तेरी जरूरत नहीं !!
40: जमाना वो भी था जब तुम खास थे,
जमाना ये भी है के तेरा जिक्र तक नहीं
41: नफरतों का सिलसिला जारी है,
लगता है दूर जाने की त्यारी है,
दिल तो पहले दे चुके हैं हम,
लगता है अब जान देने की बारी है
42: मैं काबिले नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझे,
तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत ना किया कर !
43: मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है,
कभी नफरत तो कभी दिलों का मेल है,
बिक जाता है हर रिश्ता दुनियां में,
सिर्फ दोस्ती का यहा नाँट पर सेल है !!
44: तेरी बेवफाई में ना नफरत हुई ,
और ना ही इश्क खत्म हुआ ! !
45: वो लोग अपने आप में कितने अज़ीम थे
जो अपने दुश्मनों से भी नफ़रत न कर सके !
46: नफरत के बाजार में जीने का अगल ही मजा है ,
लोग रुलाना नहीं छिड़ते और हम हँसना नहीं छोड़ने !
47: चाह कर भी मुँह फेर नहीं पा रहे हो,
नफरत करते हो या इश्क निभा रहे हो.
48: नफरत के एक मिनट में
सालों की मोहब्बत कैसे भूल गए तुम
फरेबी चाहत थी तुम्हे हमसे
इसीलिए तुमसे दूर हो गए हम.!!
49: इश्क़ करे या नफरत इजाज़त है उन्हें,
हमे इश्क़ से अपने कोई शिकायत नहीं।
50: नफरत से होने लगी है इस सफर से अब,
ज़िन्दगी कही तो पहुचा दे खत्म होने से पहले…!!
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