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Showing posts from June, 2024

26 जुदाई शायरी हिंदी में

 1: कितनी राते बिता दी तुम्हारे बिना कितने दिन बिता दिए तुम्हारे बिना अब तक समय जो बीता सो बीता पर जिंन्दगी नहीं बितानी तुम्हारे बिना। 2: अपने साथ से मुझे मुकम्मल कर दो खुद को मेरी बाहों में भर दो तुम-तुम ना रहो मैं-मैं ना रहू ऐसी खूबसूरत जिंन्दगी का वादा कर दो। 3: सब के होते हुए भी तन्हाई मिलती है यादों में भी गम की परछाई मिलती है जितनी भी दुआ करते हैं किसी को पाने की उतनी ही ज्यादा जुदाई मिलती है। 4: कल तक हमसे बात किये बिना जिसे नींद तक नहीं आती थी आज हमसे बात करने का वक्त नहीं उसके पास। 5: अगर मुझसे मोहब्बत नहीं तो रोते क्यों हो तन्हाई में मेरे बारे में सोचते क्यों हो अगर मंजिल जुदाई है तो जाने दो मुझे लौट के कब आओगे पूछते क्यों हो। 6: सर्द रातों में सताती है जुदाई तेरी आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी तू तो कहता था बिछड़ के सुकून पा लेंगे फिर क्यों रोती है मेरे दर पे तन्हाई तेरी। 7: मजबूरी में जब कोई किसी से जुदा होता है ये तो जरूरी नहीं कि वो बेवफा होता है देकर वो आपकी आँखों में जुदाई के आँसू तन्हाई में वो आपसे भी ज्यादा रोता है। 8: मैं एक अरसे से उसका दिल जीतने में लगा था और ...

जख्म 25 शायरी हिंदी में

  1: जख्मों के बावजूद मेरा हौसला तो देख तू हँसी तो मैं भी तेरे साथ हँस दिया।। 2: मैं हँसकर अपना दर्द सुनाऊंगा तुम रो भी नही पाओगे मेरे जख्मों को आज कुरेदे गर तुम सो भी नही पाओगे। 3: बैठ कर उदास लम्हों में ये सोचता हूँ दुश्मनी भी नही किसी से फिर जख्म गहरे क्यों हुए।। 4: तुमने तीर चलाया तो कोई बात न थी जख्म मैंने जो दिखाया तो बुरा मान गए। 5: मरहम की जरूरत नही है मुझे जख्म देकर कम से कम हाल तो पूछ लिया करो। 6: मेरी चाहत को मेरे हालात के तराजू में कभी मत तोलना मैंने वो जख्म भी खाए है, जो मेरी किस्मत में नहीं थे। 7: अब ना जी रहा हूं ना मर रहा हूं जख्मों को याद कर बस रो रहा हूं। 8: आज भी तेरी यादों का पहरा है जख्मों का दर्द बड़ा ही गहरा है। 9: जख्म कोई दूसरा देता तो घाव भर ही जाता है पर कोई अपना जख्म दे तो जख्म सदा हरा रहता है। 10: सागर का खारापन क्या कम था जनाब अब ये आसूं भी जख्मों पर गिरने लगें। 11: ये बेपनाह इश्क मेरी जान लिए जा रहा है अजीब यार है बस जख्म दिए जा रहा है। 12: महबूब आज मुझ पर ये करम कर गया पुराने जख्मों को सारे फिर से हरा कर गया। 13: दे गया वो जख्म मुझें ऐसा जिसक...